जिलाधिकारी द्वारा भारत-नेपाल सीमा के पास तटबंध निर्माण में नेपाल द्वारा बाधा उत्पन्न करने के बाद किया गया निरीक्षण

जिलाधिकारी द्वारा भारत-नेपाल सीमा के पास तटबंध निर्माण में नेपाल द्वारा बाधा उत्पन्न करने के बाद किया गया निरीक्षण

सर्वेक्षण द्वारा सीमांकन के पश्चात तटबंध निर्माण का आदेश

सुरेश कुमार, जयनगर(मधुबनी);


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मधुबनी जिला पदाधिकारी डा. नीलेश रामचन्द्र देवड़े द्वारा आज मंगलवार को भारत-नेपाल सीमा से सटे जयनगर अनुमंडल स्थित कमला नदी के विभिन्न तटबंधों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही सीमा के पास अकौन्हा गाँव स्थित तटबंध निर्माण में नेपाल के एपीएफ(आर्म्ड फोर्स पुलिस) द्वारा बाधा उत्पन्न किये जाने की जानकारी प्राप्त की।

पिछले वर्ष जुलाई 2019 में आए प्रलयंकारी बाढ़ के कारण भारत-नेपाल सीमा पर नो मेंस लैंड से सटे तटबंध के टूट जाने से भारी तबाही मची थी, जिस कारण अभी उस तटबंध का पुनर्निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसे समय-समय पर नेपाल के एपीएफ द्वारा नो मेंस लैंड तो नेपाल का भूमि बताकर व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा था जिससे तटबंध निर्माण ठप पड़ गया था।


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इसी समस्या के समाधान हेतु मधुबनी जिलाधिकारी के नेतृत्व में पूरा प्रशासनिक अमला बॉर्डर पर पहुँचा तथा समस्या के समाधान के लिए सर्वेयर नियुक्त कर दोनों देशों के स्थानीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में सीमा विवाद सुलझाने और फिर शीघ्र तटबंध निर्माण कार्य का आदेश दिया गया। डीएम का कहना था कि वर्तमान माहौल में भारत-नेपाल सीमा पर थोड़ा संशय और तनाव की स्थिति भी है और तटबंध निर्माण में नेपाल द्वारा उत्पन्न बाधा की सूचना मुख्यमंत्री तक पहुँच गया है।

इसीलिए जो नियमानुकूल हो वह शीघ्रता से किया जाय। वहीं आरक्षी अधीक्षक डॉ. सत्यप्रकाश ने कहा कि तटबंध अगर नो मेंस लैंड में पड़ रहा है तो तटबंध को थोड़ा टेढ़ा कर भारत की सीमा में ही बनाया जाय जिससे इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो। लौकही में भी नेपाल द्वारा बनाया जा रहा तटबंध नो मेंस लेंड में आता है लेकिन बाढ़ की विभीषिका को रोकने के लिए वह आवश्यक है तो हमने नेपाल को तटबंध निर्माण से नहीं रोका। बॉर्डर के अलावा कमला नदी से जुड़े सुक्की पुल और तटबंध एवं अन्य कटाव स्थलों का निरीक्षण किया गया।


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इस अवसर पर मधुबनी जिला अधिकारी तथा आरक्षी अधीक्षक के अलावा अपर समाहर्ता अवधेश राम, एसएसबी 48वीं बटालियन के समादेष्टा शंकर सिंह, जयनगर अनुमण्डल पदाधिकारी शंकर शरण ओमी, जयनगर अपर अनुमण्डल पदाधिकारी समेत जयनगर आरक्षी उपाधीक्षक, प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचल अधिकारी, नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी तथा थानाध्यक्ष उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान 2019 में देवधा उत्तरी पंचायत के अकौन्हा बांध का निरीक्षण किया गया। जहाँ वर्ष 2019 में बांध टूटने से बाढ़ आयी थी। इस दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त किया एवं सम्बंधित अधिकारियों को फटकार लगाई तथा इसे अविलंब पूर्ण करने हेतु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को निदेश दिया।


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जयनगर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ लोगों के शिकायत पर समाधान का भरोसा दिया और कार्यपालक पदाधिकारी को डांट पिलाई। तत्पश्चात जयनगर अनुमंडल कार्यालय में जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के साथ विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक की गयी।